भौतिकी
हिन्दी

पंप गुब्बारे में न दिखने वाली हवा भरता है

न दिखने वाली हवा गुब्बारे को आकार कैसे देती है? इस मज़ेदार गीत में पंप हवा को अंदर भेजता है, हवा लचीली रबर पर दबाव डालती है और गुब्बारा धीरे-धीरे फूलता है।

सुनें

प्लेटफ़ॉर्म चुनें और उसके प्लेयर का प्ले बटन दबाएँ।

प्लेबैक मंच, खाते और ब्राउज़र पर निर्भर करता है। गीत का छोटा नमूना उपलब्ध हो सकता है।

इस रिकॉर्डिंग के उपशीर्षकों से लिया गया पाठ।

गीत के बोल
हवा दिखती नहीं—फिर गुब्बारा कैसे फूलेगा? आओ ध्यान से देखें, अभी पता चल जाएगा। खाली गुब्बारा मेज़ पर चपटा पड़ा है। मैं गुब्बारे का मुँह पंप की नली पर चढ़ाता हूँ। पहली बार पंप दबाते ही हवा अंदर जाती है। हवा दिखती नहीं, फिर भी अंदर जगह घेरती है। पंप गुब्बारे में न दिखने वाली हवा भरता है, और वह हवा रबर की दीवार को दबाती है, इससे रबर फैलती है और गुब्बारा फूलता है— सतह पर पड़ने वाले इस ज़ोर को दबाव कहते हैं। फिर पंप दबाता हूँ, धीरे और आराम से। थोड़ी और हवा गुब्बारे के अंदर जाती है। रबर और भी ज़्यादा फैलती है। चपटा गुब्बारा अब लगभग गोल है। क्या हमें हवा दिखाई देती है? नहीं, पर गुब्बारे पर उसका असर दिखता है। गुब्बारा गोल और बड़ा होता जाता है। हवा रबर की दीवार को हर दिशा में दबाती है। इसलिए रबर की पूरी दीवार फैलती है। ऐसे ही गुब्बारा गोल आकार लेता है। पंप गुब्बारे में न दिखने वाली हवा भरता है, और वह हवा रबर की दीवार को दबाती है, इससे रबर फैलती है और गुब्बारा फूलता है— सतह पर पड़ने वाले इस ज़ोर को दबाव कहते हैं। हवा दिखती नहीं, फिर भी सचमुच दबाती है। इसीलिए हमारा गुब्बारा धीरे-धीरे फूल गया।