← पुस्तकालय पर लौटें
Polski · गीत

प्यूपा से पहली उड़ान तक | बच्चों का तितली गीत

◷ 1:57

नीना दूर से देखती है कि वयस्क तितली प्यूपा के खोल से धीरे-धीरे बाहर आती है। यह सरल प्रकृति गीत बताता है कि उड़ने से पहले उसके सिकुड़े पंखों को फैलने, सख़्त होने और सूखने के लिए समय चाहिए।

अवधारणाओं की व्याख्या

अवधारणाओं का शब्दकोश ↗

दिए गए स्रोतों पर आधारित मौलिक व्याख्याएँ।

तितलियाँ

तितलियाँ वे कीट हैं जिनके पंखों पर छोटे शल्क होते हैं। उनके जीवन चक्र में अंडा, इल्ली, प्यूपा और वयस्क आते हैं।

स्रोत

कायांतरण

कायांतरण विकास के दौरान शरीर के रूप में बड़ा बदलाव है। तितली में इल्ली प्यूपा अवस्था से गुजरकर वयस्क बनती है।

स्रोत

इस रिकॉर्डिंग के उपशीर्षकों से लिया गया पाठ।

गीत के बोल
Co tak spokojnie wisi pod liściem? Nina dostrzega tam poczwarkę. Patrzy z daleka, cicho i uważnie. Osłonka drży, pojawia się rysa. Widać głowę, po chwili także nogi. Dorosły motyl powoli się wysuwa. Skrzydła się prostują, motyl czeka. Stają się gładkie, twardnieją i schną. Gdy skrzydła są gotowe, może wzlecieć. Wtedy zaczyna się pierwszy lot. Mocno się trzyma pustej osłonki. Pod nią zwisa ze skrzydłami w dół. Z początku są małe, miękkie, pomarszczone. Płyn z jego ciała powoli je wypełnia. Jak wachlarz stają się szerokie. Nina cierpliwie patrzy z daleka. Rozłożone skrzydła schną i twardnieją. Na koniec motyl otwiera je szeroko. Skrzydła się prostują, motyl czeka. Stają się gładkie, twardnieją i schną. Gdy skrzydła są gotowe, może wzlecieć. Wtedy zaczyna się pierwszy lot. W słońcu leci i siada na kwiecie. Pusta osłonka zostaje na gałązce.
इस भाषा के संस्करण के बोल
पत्ते तले क्या चुपचाप लटका है? नीना को एक प्यूपा दिखता है। वह कुछ दूर खड़ी होकर देखती है। खोल काँपता है, एक दरार उभरती है। पहले सिर, फिर पैर दिखाई देते हैं। वयस्क तितली धीरे बाहर आती है। पंख खुलते हैं, तितली ठहरती है। वे चिकने होते, सख़्त होकर सूखते हैं। पंख तैयार हों, तभी वह उड़ पाती है। फिर उसकी पहली उड़ान शुरू होती है। वह खाली खोल को कसकर थामती है। नीचे लटकती है, पंख झुके हुए। पहले वे छोटे, नरम, सिकुड़े हैं। शरीर का तरल उनमें भरता है। पंखे जैसे फैलकर चिकने होते हैं। नीना धीरज से दूर खड़ी देखती है। खुले पंख सख़्त होकर सूखते हैं। फिर तितली उन्हें पूरा खोलती है। पंख खुलते हैं, तितली ठहरती है। वे चिकने होते, सख़्त होकर सूखते हैं। पंख तैयार हों, तभी वह उड़ पाती है। फिर उसकी पहली उड़ान शुरू होती है। धूप में उड़कर फूल पर जा बैठती है। खाली खोल टहनी पर रह जाता है।
YouTube में खोलें ↗
2:31
रिकॉर्डिंग की भाषा: हिन्दीगीत

प्यूपा से पहली उड़ान तक | बच्चों का तितली गीत

नीना दूर से देखती है कि वयस्क तितली प्यूपा के खोल से धीरे-धीरे बाहर आती है। यह सरल प्रकृति गीत बताता है कि उड़ने से पहले उसके सिकुड़े पंखों को फैलने, सख़्त होने और सूखने के लिए समय चाहिए।

जीव विज्ञान↗
3:33
रिकॉर्डिंग की भाषा: हिन्दीगीत

टी. रेक्स कैसे रहता था? भारी कदम और तेज़ सूँघने की शक्ति | बच्चों का गीत

टी. रेक्स कैसे चलता था और भोजन कैसे खोजता था? यह रोमांचक बालगीत लगभग 6.8–6.6 करोड़ वर्ष पहले, क्रिटेशियस काल के अंत में पश्चिमी उत्तरी अमेरिका के एक संभावित दिन की झलक दिखाता है। बच्चे जानेंगे कि दो मज़बूत पैर, उठी हुई पूँछ, सूँघने की अच्छी शक्ति और ताकतवर जबड़े उसके काम कैसे आते थे।

जीव विज्ञान↗
3:12
रिकॉर्डिंग की भाषा: हिन्दीगीत

फूल रंग-बिरंगे क्यों होते हैं? | बच्चों का विज्ञान गीत

यह आनंद भरा बाल गीत बताता है कि फूलों के रंग कैसे दिखाई देते हैं। धूप में कई रंग होते हैं। पंखुड़ियों के रंगद्रव्य कुछ रोशनी सोखते हैं और बाकी रंग आँखों की ओर लौटाते हैं। रंग, महक और आकार मधुमक्खी को भोजन खोजने में मदद कर सकते हैं, जबकि पराग अगले फूल तक पहुँचता है।

जीव विज्ञान↗