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यह आनंद भरा बाल गीत बताता है कि फूलों के रंग कैसे दिखाई देते हैं। धूप में कई रंग होते हैं। पंखुड़ियों के रंगद्रव्य कुछ रोशनी सोखते हैं और बाकी रंग आँखों की ओर लौटाते हैं। रंग, महक और आकार मधुमक्खी को भोजन खोजने में मदद कर सकते हैं, जबकि पराग अगले फूल तक पहुँचता है।
दिए गए स्रोतों पर आधारित मौलिक व्याख्याएँ।
प्रकाश
दृश्य प्रकाश विद्युतचुंबकीय विकिरण का वह भाग है जिसे हमारी आँखें पहचानती हैं। यह निर्वात में भी ऊर्जा पहुँचा सकता है।
स्रोत
परागण
फूल वाले पौधों में परागण परागकणों को परागकोष से वर्तिकाग्र तक पहुँचाता है। इससे निषेचन और बीज बनना संभव होता है, लेकिन परागण स्वयं निषेचन नहीं है।
स्रोत
वर्णक
वर्णक प्रकाश के कुछ भाग अवशोषित करके पदार्थों को रंग देने में मदद करते हैं। पौधों में हरा क्लोरोफिल और पीले या नारंगी कैरोटिनॉइड होते हैं।
स्रोत
इस रिकॉर्डिंग के उपशीर्षकों से लिया गया पाठ।
गीत के बोल
फूलों के पास इंद्रधनुष कैसे खिला?
पानी की फुहार ने धूप पकड़ ली।
धूप में छिपे हैं कितने सारे रंग।
लाल, पीली, बैंगनी पंखुड़ियाँ चमकें।
पंखुड़ी को धूप, फिर छाँव में देखूँ।
इतना चमकीला रंग आया कहाँ से?
पंखुड़ियाँ रंगीन रोशनी नहीं बनातीं।
रंगद्रव्य थोड़ी धूप सोख लेते हैं।
बाकी रंग लौटकर आँखों तक आते हैं।
यही फूल का रंगीन संकेत है।
मधुमक्खी फूल के बीच उतरती है।
रंग अक्सर उसे यहाँ तक लाता है।
महक और आकार रस तक राह दिखाते हैं।
पीला पराग उसके बालों में अटका।
पंखुड़ियाँ रंगीन रोशनी नहीं बनातीं।
रंगद्रव्य थोड़ी धूप सोख लेते हैं।
बाकी रंग लौटकर आँखों तक आते हैं।
यही फूल का रंगीन संकेत है।
वह खाने को अगले फूल पर जाती है।
पराग उसके तन पर साथ जाता है।
इससे पौधा बीज बना सकता है।
पंखुड़ियाँ रंगीन रोशनी नहीं बनातीं।
रंगद्रव्य थोड़ी धूप सोख लेते हैं।
बाकी रंग लौटकर आँखों तक आते हैं।
यही फूल का रंगीन संकेत है।
लौटी रोशनी में पंखुड़ी का रंग दिखे।
यह रंग मधुमक्खी को फूल तक ला सकता है।
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