समुद्री घास के बीच बुलबुला झुंड को नहीं देख पाता, पर माँ लहर की खास सीटी पहचान लेता है। फिर वह क्लिक भेजकर उनकी गूँज सुनता है और चट्टानों के बीच चौड़ा रास्ता खोजता है। यह जीवंत बालगीत बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन की संपर्क सीटी, इकोलोकेशन और ध्यान खींचने वाले शारीरिक संकेत समझाता है।
इस रिकॉर्डिंग के उपशीर्षकों से लिया गया पाठ।
गीत के बोल
Кто скользит по мутной бирюзовой бухте?
Это Пузырёк, малыш-афалина
С мамой Волной и стаей он плывёт
Трава на миг скрывает стаю из виду
Возле мордочки блестят пузырьки
Сквозь траву несётся знакомый свист Волны
Он узнаёт его и шлёт свой свист
Если их не видно, свист летит вдаль
Так дельфины остаются на связи
У каждой афалины свой особый свист
Пузырёк знает: мама где-то рядом
Перед ним встают тёмные скалы
Он шлёт частые щелчки и слушает
Ближняя стенка сразу возвращает эхо
От дальней скалы оно приходит позже
Эхолокация ведёт в широкий проход
Если их не видно, свист летит вдаль
Так дельфины остаются на связи
У каждой афалины свой особый свист
Пузырёк знает: мама где-то рядом
Волна хвостом ударяет по воде
Всплеск привлекает внимание стаи
Все поворачивают и плывут под арку
Если их не видно, свист летит вдаль
Так дельфины остаются на связи
У каждой афалины свой особый свист
Пузырёк знает: мама где-то рядом
За каменной аркой стая снова вместе
इस भाषा के संस्करण के बोल
धुँधली फ़िरोज़ी खाड़ी में कौन तैरे?
बुलबुला है, नन्हा बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन
माँ लहर और झुंड के संग वह तैरता
समुद्री घास पल भर झुंड को ढकती
मुँह के पास छोटे बुलबुले चमकते
घास के पार माँ की खास सीटी गूँजे
वह पहचान कर अपनी सीटी भेजे
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
सामने काली चट्टानें उभरती हैं
वह तेज़ क्लिक भेजता, फिर गूँज सुनता
पास की दीवार से वह झट लौटती
दूर की चट्टान से कुछ देर में आती
इकोलोकेशन से चौड़ी राह मिलती
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
माँ लहर पूँछ से सतह थपथपाती
ऊँची छपाक सबका ध्यान खींचती
झुंड मुड़कर मेहराब के पार जाता
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
पत्थर के उस पार झुंड फिर मिल जाता