गीत के बोल
धुँधली फ़िरोज़ी खाड़ी में कौन तैरे?
बुलबुला है, नन्हा बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन
माँ लहर और झुंड के संग वह तैरता
समुद्री घास पल भर झुंड को ढकती
मुँह के पास छोटे बुलबुले चमकते
घास के पार माँ की खास सीटी गूँजे
वह पहचान कर अपनी सीटी भेजे
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
सामने काली चट्टानें उभरती हैं
वह तेज़ क्लिक भेजता, फिर गूँज सुनता
पास की दीवार से वह झट लौटती
दूर की चट्टान से कुछ देर में आती
इकोलोकेशन से चौड़ी राह मिलती
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
माँ लहर पूँछ से सतह थपथपाती
ऊँची छपाक सबका ध्यान खींचती
झुंड मुड़कर मेहराब के पार जाता
दिखें न जब, सीटी दूर तक जाती
उससे डॉल्फ़िन जुड़ी रहती हैं
हर बॉटलनोज़ की अपनी खास सीटी
बुलबुला जाने, माँ लहर पास है
पत्थर के उस पार झुंड फिर मिल जाता