झरना कैसे बनता है और उसकी कगार धीरे-धीरे क्यों बदलती है? यह गीत दिखाता है कि गुरुत्वाकर्षण नदी के पानी को चट्टानी किनारे से नीचे गिराता है। पानी के साथ बहती रेत और कंकड़ नरम चट्टान को लंबे समय में घिसते हैं। झरना बनने का यह एक आम तरीका है, अकेला तरीका नहीं।
इस रिकॉर्डिंग के उपशीर्षकों से लिया गया पाठ।
गीत के बोल
Dokąd tak pędzi ta lśniąca kropla?
Górski strumień wije się po zboczu
Mija piasek, drobne kamyki
I dociera do skalnego progu
Grawitacja ściąga ją z krawędzi
Twarda półka, pod nią miękka warstwa
Ta od spodu ściera się szybciej
Rzeka spada ze skalnego progu
Wodospad, biała kurtyna wody
Płynący nurt powoli rzeźbi skałę
Krok po kroku krawędź zmienia kształt
U podnóża woda pieni się
Wir niesie piasek i kamyki
Woda z nimi ściera, kruszy skałę
To powolne ścieranie: erozja
Pod twardą półką rośnie zagłębienie
Rzeka spada ze skalnego progu
Wodospad, biała kurtyna wody
Płynący nurt powoli rzeźbi skałę
Krok po kroku krawędź zmienia kształt
Po wielu latach półka już wystaje
Odłamuje się z niej skalny blok
Próg cofa się trochę w górę rzeki
Rzeka spada ze skalnego progu
Wodospad, biała kurtyna wody
Płynący nurt powoli rzeźbi skałę
Krok po kroku krawędź zmienia kształt
Niżej nurt rzeźbi skalisty wąwóz
Wodospad szumi przy nowej krawędzi
इस भाषा के संस्करण के बोल
कहाँ चली यह चमकीली बूँद?
वह धारा संग ढलान से उतरती
रेत और गोल कंकड़ों से गुज़रती
ऊँची चट्टानी कगार पर पहुँचती
गुरुत्व उसे किनारे से गिराता
नरम परत पर सख्त चट्टान है
नीचे वाली जल्दी घिस जाती है
नदी चट्टानी कगार से गिरती
झरना, उजली पानी की चादर
बहता पानी चट्टान तराशता
धीरे-धीरे कगार का रूप बदलता
नीचे झाग भरा पानी घूमता
साथ में रेत और कंकड़ लाता
मिलकर नरम चट्टान को घिसते, तोड़ते
यह धीमा घिसना अपरदन है
सख्त परत के नीचे गड्ढा बढ़ता
नदी चट्टानी कगार से गिरती
झरना, उजली पानी की चादर
बहता पानी चट्टान तराशता
धीरे-धीरे कगार का रूप बदलता
बरसों बाद सख्त छज्जा बाहर लटका
फिर चट्टान का एक खंड टूट गया
कगार नदी की ऊपरी ओर खिसकी
नदी चट्टानी कगार से गिरती
झरना, उजली पानी की चादर
बहता पानी चट्टान तराशता
धीरे-धीरे कगार का रूप बदलता
नीचे धारा चट्टानी खाई तराशती
नई कगार पर झरना गरजता